IT consultant presenting tag cloud about information technology
डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी जहाँ अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, वहीं भारतीय IT सेक्टर के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। अनुमान है कि बढ़ते डॉलर से IT क्षेत्र को लगभग 283 अरब डॉलर का अतिरिक्त लाभ हो सकता है।
TCS, Infosys, HCL Tech, Wipro जैसी प्रमुख कंपनियों का लगभग 40% कारोबार अमेरिका से आता है और भुगतान डॉलर में होता है। रुपये की कमजोरी सीधे मुनाफे में बदलती है। TCS को UK क्लाइंट्स से मिलने वाले राजस्व में 17.5% वृद्धि दिखी है।
IT क्षेत्र पिछले दशक से धीमी मांग से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये में हर 1% गिरावट से IT कंपनियों के मार्जिन में 10–15 बेसिस पॉइंट का सुधार होता है। डॉलर, यूरो और पाउंड की मजबूती के चलते भारतीय IT कंपनियों की आय तेज बढ़ रही है, जिससे कमजोर मांग के बीच भी सेक्टर स्थिर दिखाई दे रहा है।