उत्तर प्रदेश सरकार ने caste census कराने का फैसला लिया है। यह census दो चरणों में होगा और फरवरी 2027 से शुरू होने वाला है।
कैसे होगा census?
सरकार ने इसे दो चरणों में बांटा है। पहले चरण में परिवारों की गिनती और सामान्य जानकारी ली जाएगी। दूसरे चरण में जाति और व्यक्तिगत डेटा का संग्रह किया जाएगा।
व्यक्तिगत जानकारी भी जुटाई जाएगी
सरकार व्यक्तिगत डेटा भी इकट्ठा करेगी। इसमें जाति, आर्थिक स्थिति और अन्य जरूरी जानकारियां शामिल होंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह डेटा गोपनीय रखा जाएगा।
कब शुरू होगा?
census फरवरी 2027 से शुरू होगा। पहले चरण का काम कुछ महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। पूरे census की प्रक्रिया 2027 के अंत तक पूरी हो सकती है।
क्यों जरूरी है caste census?
सरकार का कहना है कि caste census से पिछड़े वर्गों, SC-ST और अन्य समुदायों की सही संख्या पता चलेगी। इससे सरकारी योजनाओं और आरक्षण नीतियों को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
विपक्षी पार्टियां इस फैसले का स्वागत कर रही हैं। वहीं कुछ संगठनों ने डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
सरकार की तैयारी
UP सरकार ने census की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और सही तरीके से हो सके।