माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (MCC) के वरिष्ठ नेता और लंबे समय से जेल में बंद प्रशांत बोस, जिन्हें ‘किशन दा’ के नाम से जाना जाता था, का रांची में निधन हो गया है।
प्रशांत बोस नक्सल आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे। वे कई दशकों से सुरक्षा बलों की गिरफ्त में थे और रांची की एक जेल में सजा काट रहे थे। उनकी उम्र करीब 70 वर्ष बताई जा रही है।
मुख्य बातें:
- प्रशांत बोस (किशन दा) का रांची जेल में निधन
- वे माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर के वरिष्ठ नेता थे
- लंबे समय से जेल में थे
- नक्सल आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही
निधन की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और सुरक्षा बलों में हलचल मच गई। परिवार और कानूनी टीम को सूचित कर दिया गया है।
प्रशांत बोस का नाम नक्सलवाद के इतिहास में अहम रहा है। उनकी मौत के साथ नक्सल आंदोलन के पुराने दौर के एक बड़े चेहरे का अंत हो गया है।