पश्चिम बंगाल में पूला बोइशाख (बंगाली नववर्ष) का त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है।
इस साल का पूला बोइशाख बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ठीक पहले आ रहा है, जिससे सांस्कृतिक उत्सव और राजनीतिक माहौल दोनों गर्म हो गए हैं।
पूला बोइशाख की अहमियत:
- बंगाली नववर्ष का प्रतीक, नई शुरुआत का त्योहार
- पूरे बंगाल में मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पूजा-अर्चना
- बंगाली संस्कृति, भाषा और परंपरा को मजबूत करने का अवसर
- ऐतिहासिक रूप से बंगाल की पहचान और एकता का प्रतीक
इस बार त्योहार के दौरान राजनीतिक दलों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। TMC और BJP दोनों ने पूला बोइशाख को अपनी चुनावी रणनीति से जोड़ने की कोशिश की। बंगाल की जनता इस त्योहार को खुशी और आशा के साथ मना रही है।