असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने ‘जीरो मुस्लिम कैंडिडेट’ की रणनीति अपनाई है। NDA गठबंधन के तहत भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने इस बार किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है।
भाजपा ने कहा कि यह फैसला “जमीन की हकीकत” को देखते हुए लिया गया है। पार्टी का दावा है कि असम में मुस्लिम वोट बैंक पर निर्भर रहने की बजाय विकास, सुरक्षा और असमिया अस्मिता जैसे मुद्दों पर फोकस किया जाएगा।
मुख्य बातें:
- भाजपा और NDA ने असम चुनाव में कोई मुस्लिम उम्मीदवार नहीं उतारा
- पार्टी ने “जीरो मुस्लिम कैंडिडेट” रणनीति अपनाई
- असम में मुस्लिम आबादी करीब 34% है, लेकिन भाजपा विकास और सुरक्षा पर जोर दे रही है
- विपक्ष ने इस फैसले को “ध्रुवीकरण की राजनीति” बताया
यह रणनीति असम चुनाव 2026 में भाजपा की नई सियासी लाइन को दिखाती है, जहां पार्टी हिंदू-बहुल वोट बैंक और असमिया पहचान पर ज्यादा फोकस कर रही है। चुनाव 9 अप्रैल 2026 को होने हैं।