राजस्थान के मेवाड़ स्थित प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर से आस्था से जुड़ी एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। यहां एक कबूतर की भक्ति इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
🕊️ कबूतर की अनोखी दिनचर्या
दरअसल, यह कबूतर रोज़ मंदिर के कपाट खुलने का इंतजार करता है। जैसे ही मंदिर खुलता है, वह सीधे अंदर उड़कर पहुंचता है।
🙏 पहले चरणामृत, फिर प्रणाम
कपाट खुलते ही यह कबूतर भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में रखे चरणामृत के पास जाता है और उसे अपनी चोंच से ग्रहण करता है।
कुछ पल वहीं रुकता है, मानो भगवान को प्रणाम कर रहा हो। इसके बाद वह शांत तरीके से उड़ जाता है।
👀 श्रद्धालु भी हैरान
इस दृश्य को देखने वाले श्रद्धालु इसे आस्था और चमत्कार से जोड़ रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि यह भगवान की विशेष कृपा का संकेत है।
🗣️ मंदिर प्रशासन ने क्या कहा
मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव के अनुसार, भगवान सभी जीवों पर समान कृपा करते हैं। यहां किसी के साथ भेदभाव नहीं होता, चाहे वह इंसान हो या कोई जीव-जंतु।
📌 आस्था या प्रकृति का संकेत?
यह घटना लोगों के मन में सवाल भी खड़े कर रही है कि क्या आस्था केवल इंसानों तक सीमित है या हर जीव में भगवान के प्रति भाव हो सकता है।
