अमेरिका और ईरान अब युद्ध से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं।
थकान और भारी आर्थिक लागत के कारण दोनों देश युद्ध समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। पाकिस्तान इस स्थिति से फायदा उठाते हुए शांति बोनस हासिल करने की उम्मीद कर रहा है।
मुख्य बातें:
- अमेरिका-ईरान युद्ध समाप्त करने की तैयारी
- दोनों पक्षों में थकान और आर्थिक बोझ बढ़ा
- पाकिस्तान को शांति प्रक्रिया से फायदा मिलने की संभावना
- क्षेत्रीय स्थिरता पर बड़ा असर पड़ सकता है
विश्लेषकों का कहना है कि लंबे युद्ध ने दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाया है। पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाकर क्षेत्रीय शांति में योगदान दे सकता है।