मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आहूत महाप्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा का अभूतपूर्व चक्रव्यूह तैयार किया है। पुलिस द्वारा प्रदर्शन की विधिवत अनुमति न दिए जाने के बावजूद राजधानी में तनावपूर्ण और हाई-अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पिछले प्रदर्शनों के दौरान लगे आरोपों से बचने के लिए इस बार पुलिस विशेष तकनीकी उपकरणों के साथ तैनात है।
नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में लगभग 25 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों (पुलिस और अर्धसैनिक बल) की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सात स्तरों की मजबूत बैरिकेडिंग की गई है, जिनमें से कई बैरिकेड्स को आपस में वेल्डिंग करके जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, भीड़ की गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों और 300 से अधिक हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।
छवि बचाने और पारदर्शिता के लिए पुलिसकर्मियों की वर्दी पर ‘बॉडी कैमरे’
बीते दिनों हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर उठे विवादों और सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए कुछ दावों के बाद दिल्ली पुलिस इस बार पूरी तरह सतर्क मुद्रा में है। प्रदर्शन स्थल पर तैनात वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों की वर्दी पर विशेष बॉडी कैमरे लगाए गए हैं। इन अत्याधुनिक कैमरों की विशेषता यह है कि ये कम रोशनी या अंधेरे में भी स्पष्ट वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन कैमरों का मुख्य उद्देश्य हर गतिविधि और झड़प की पारदर्शी रिकॉर्डिंग करना है, ताकि भविष्य में पुलिस बल पर लगाए जाने वाले झूठे या मनगढ़ंत आरोपों का वीडियो साक्ष्य के साथ सटीक जवाब दिया जा सके और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।
बड़े पैमाने पर एहतियातन हिरासत और यातायात पर कड़े प्रतिबंध
राजधानी में अनधिकृत भीड़ को एकत्र होने से रोकने के लिए पुलिस ने सुबह से ही व्यापक स्तर पर धरपकड़ अभियान चलाया है। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों से सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के समर्थकों तथा विभिन्न जिलों से आ रहे प्रदर्शनकारियों सहित सैकड़ों लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के कारण दिल्ली मेट्रो के कई प्रमुख स्टेशनों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं तथा नई दिल्ली क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे आम नागरिकों और यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा (BNSS की धारा 163) का उल्लंघन करने वालों से कड़ाई से निपटा जाएगा।