पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की बहुचर्चित रेजीनगर विधानसभा सीट पर जारी उपचुनाव के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक एवं विधायक हुमायूं कबीर को मतदान प्रक्रिया के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा हिरासत में लेने के उपरांत आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के राजनीतिक तापमान में भारी वृद्धि हो गई है तथा चुनावी सरगर्मियों के मध्य व्यापक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
यह घटनाक्रम मंगलवार प्रातः उस समय घटित हुआ जब हुमायूं कबीर रेजीनगर स्थित अपने पार्टी कार्यालय में उपस्थित थे। सुबह लगभग 8 बजे पुलिस बल भारी संख्या में पार्टी कार्यालय पहुंचा और उन्हें अपने साथ चलने को कहा। इस दौरान विधायक और उपस्थित पुलिस अधिकारियों के मध्य तीखी बहस एवं नोकझोंक देखने को मिली। वाहन में बैठाए जाने के समय हुमायूं कबीर ने आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन पर सत्तारूढ़ दल के पक्ष में चुनावी धांधली और वोट लूटने में सहयोग करने का सीधा आरोप लगाया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हुमायूं कबीर के विरुद्ध मतदान केंद्र के निकट बैठकर कार्यकर्ताओं को उकसाने, शांति भंग करने तथा क्षेत्र में कथित तौर पर हिंसा और तनाव भड़काने के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई थीं। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने का हवाला देते हुए उन्हें पहले हिरासत में लिया और तत्पश्चात रेजीनगर थाने लाकर विधिक धाराओं के अंतर्गत गिरफ्तारी दर्ज की।
उल्लेखनीय है कि हुमायूं कबीर ने हालिया विधानसभा चुनावों में रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों से विजय प्राप्त की थी। बाद में उनके द्वारा नौदा सीट अपने पास रखने के कारण रेजीनगर सीट रिक्त हुई थी, जिस पर वर्तमान में उपचुनाव संपन्न हो रहा है। एजेयूपी ने इस उपचुनाव में हुमायूं कबीर के पुत्र गुलाम नबी आजाद को अपना प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है। मतदान से पूर्व भी कबीर ने पुलिस पर अपने कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।
इस महत्वपूर्ण सीट पर भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस के गुटों और एजेयूपी के मध्य बहुकोणीय एवं कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। मतदान के शुरुआती घंटों में ही प्रमुख जननेता की इस गिरफ्तारी से समर्थकों में भारी असंतोष व्याप्त हो गया है। अप्रिय घटनाओं की रोकथाम हेतु पूरे रेजीनगर क्षेत्र में अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस बल की तैनाती करके कड़ी चौकसी बरती जा रही है।