राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने उत्तराखंड के लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर का दौरा किया और अग्निवीरों की ट्रेनिंग का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जवानों द्वारा किए जा रहे ड्रोन संचालन, आधुनिक सामरिक हथियारों और नजदीकी युद्ध प्रशिक्षण से जुड़े अभ्यासों का लाइव प्रदर्शन देखा। दौरे के दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि भी मौजूद रहे।
अजित डोभाल 19 सितंबर को गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर पहुंचे थे। हेलीपैड पर गढ़वाल राइफल्स और गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा और सेंटर कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद डोभाल ने रेजिमेंटल सेंटर में विभिन्न सैन्य गतिविधियों और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
दौरे की शुरुआत शौर्य स्थल से हुई, जहां रेजिमेंट के वीरता पुरस्कार प्राप्त जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया गया। डोभाल ‘दीदी-भुल्ली सशक्तीकरण प्रोजेक्ट’ के तहत संचालित ‘ट्रिप इज लाइफ’ कैफे भी पहुंचे। यहां स्थानीय महिलाओं ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्होंने स्थानीय गढ़वाली चाय और व्यंजनों का स्वाद भी लिया। इसके बाद रेजिमेंटल सेंटर के मंदिर में पूजा-अर्चना की।
अग्निवीरों की ट्रेनिंग का लिया जायजा
इसके बाद अजित डोभाल और सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बीर सिंह लाइंस पहुंचे, जहां अग्निवीरों ने अपनी प्रशिक्षण गतिविधियों का प्रदर्शन किया। इसमें ड्रोन संचालन के साथ टैक्टिकल हथियारों से जुड़े अभ्यास शामिल थे। जवानों ने एफआरएएस, टीएएसएस और सीक्यूबीटीएस जैसी क्लोज-कॉम्बैट प्रशिक्षण तकनीकों का प्रदर्शन किया। अग्निवीरों ने अधिकारियों को अपनी ट्रेनिंग और ऑपरेशनल तैयारियों से संबंधित जानकारी भी दी।
लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक सैन्य जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। केंद्र में ड्रोन ट्रेनिंग, कॉम्बैट ट्रेनिंग सिमुलेटर और तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। उत्तराखंड के राज्यपाल के आधिकारिक संबोधन में भी इस केंद्र में ड्रोन संचालन और आधुनिक प्रशिक्षण प्रणालियों के इस्तेमाल का उल्लेख किया गया था।
दौरे के दौरान डोभाल ने 2003 में विकसित जल संरक्षण परियोजना ‘भुल्ला ताल’ का भी निरीक्षण किया। शाम के समय सैन्य बैंड ने गढ़वाली गीतों और देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति दी। अगले दिन 20 सितंबर को युद्ध स्मारक पर बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद अधिकारियों, जेसीओ, जवानों और अग्निवीरों के साथ प्रशिक्षण, ऑपरेशनल क्षमता और सैनिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर बातचीत हुई।
दौरे के दौरान कोटद्वार से आए करीब 80 पूर्व सैनिकों ने भी अजित डोभाल से मुलाकात की। उन्हें शॉल भेंट किया गया। सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की ओर से डोभाल को स्मृति चिह्न दिया गया, जबकि गढ़वाल राइफल्स के कर्नल लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने उन्हें ‘द गढ़वालीज सोल्जर्स एंड पीपल’ पुस्तक भेंट की। स्थानीय कलाकार देवेंद्र नैथानी की ओर से तैयार किया गया डोभाल का एक विशेष पोस्टर भी उन्हें दिया गया।
अजित डोभाल और सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का लैंसडाउन दौरा गढ़वाल राइफल्स के प्रशिक्षण, सैनिक कल्याण और आधुनिक सैन्य तकनीकों से जुड़ी व्यवस्थाओं के निरीक्षण पर केंद्रित रहा। दौरे में अग्निवीरों के प्रशिक्षण के साथ रेजिमेंट की सैन्य परंपराओं, पर्यावरण संरक्षण और सैनिक कल्याण से जुड़े पहलुओं का भी जायजा लिया गया।