उत्तर कोरिया ने रविवार, 20 सितंबर को कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी समुद्र की ओर एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी। दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, मिसाइल को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3 बजे वॉनसान इलाके से लॉन्च किया गया और यह करीब 450 किलोमीटर की दूरी तक गई। जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी मिसाइल लॉन्च की पुष्टि की और बताया कि प्रक्षेप्य जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर जाकर गिरा। इस लॉन्च के बाद दक्षिण कोरिया ने अपनी निगरानी और सैन्य सतर्कता बढ़ा दी है।
मिसाइल लॉन्च के तुरंत बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। दक्षिण कोरियाई सरकार ने उत्तर कोरिया के इस कदम की निंदा करते हुए प्योंगयांग से बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण तुरंत रोकने की अपील की। दक्षिण कोरिया के अनुसार, इस तरह के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन हैं। दक्षिण कोरिया की सेना ने यह भी कहा कि वह संभावित अतिरिक्त मिसाइल लॉन्च पर नजर रख रही है और अमेरिका तथा जापान के साथ मिसाइल से संबंधित सूचनाएं साझा कर रही है।
इस मिसाइल परीक्षण की पृष्ठभूमि में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच हालिया सैन्य गतिविधियां हैं। अगस्त के अंत से सितंबर की शुरुआत तक अमेरिका के नेतृत्व में एक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास हुआ था, जिसमें दक्षिण कोरिया और जापान भी शामिल थे। यह अभ्यास 29 अगस्त से 10 सितंबर तक गुआम के आसपास के क्षेत्र में चला था। उत्तर कोरिया ने इस सैन्य गतिविधि की आलोचना की थी और इसे क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया था। उत्तर कोरिया की नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने 18 सितंबर को अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य अभ्यासों की आलोचना करते हुए कहा था कि उत्तर कोरिया अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने की नीति में बदलाव नहीं करेगा।
यह उत्तर कोरिया का सितंबर में दूसरा प्रमुख बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण बताया जा रहा है। इससे पहले 12 सितंबर को उत्तर कोरिया ने वॉनसान क्षेत्र से पूर्वी सागर की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। यह परीक्षण भी अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के संयुक्त सैन्य अभ्यास के समाप्त होने के एक दिन बाद हुआ था। उस समय उत्तर कोरिया ने बाद में दावा किया था कि उसने मिसाइलों, तोपखाने और ड्रोन समेत कई हथियार प्रणालियों के साथ फायरपावर अभ्यास किया।
ताजा घटनाक्रम में तनाव उस समय और बढ़ा जब उत्तर कोरिया ने शनिवार को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उत्तर कोरिया की ओर से कहा गया कि इस प्रस्ताव का उसके परमाणु हथियारों से जुड़े रुख पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद रविवार को हुए मिसाइल लॉन्च को क्षेत्र में जारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव की एक और कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान फिलहाल उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि तीनों देश मिसाइल लॉन्च से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं और अतिरिक्त लॉन्च की स्थिति के लिए निगरानी तथा तैयारी बढ़ाई गई है। रविवार को बाद में दक्षिण कोरियाई सेना ने पूर्वी सागर की ओर एक और अज्ञात प्रक्षेप्य दागे जाने की जानकारी दी, हालांकि उस दूसरे प्रक्षेप्य की विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं थी।