दिल्ली में डीटीसी बस ड्राइवरों की हड़ताल के चलते सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित है। हड़ताल के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में बसें सड़कों से बाहर रहीं, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों, छात्रों, कर्मचारियों और अस्पताल जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी, ऑटो-ई-रिक्शा के किराए में उछाल
डीटीसी बसें नहीं चलने के कारण यात्रियों को ऑटो और ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ रहा है। कई यात्रियों का कहना है कि जिन छोटी दूरी के सफर के लिए सामान्य तौर पर करीब 20 रुपये खर्च होते थे, उनके लिए अब 100 रुपये या उससे अधिक मांगे जा रहे हैं। कुछ इलाकों में किराया सामान्य से दो से तीन गुना तक बढ़ने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
ड्राइवरों की क्या हैं मांगें?
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन बढ़ोतरी, महंगाई भत्ता, चिकित्सा सुविधा, बीमा, बोनस, सरकारी अवकाश का भुगतान और अन्य सेवा लाभ शामिल हैं। यूनियन की ओर से दैनिक पारिश्रमिक बढ़ाकर 2,000 रुपये करने की मांग भी रखी गई है।
सरकार ने कहा- ज्यादातर मांगें मान ली गईं
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने ड्राइवरों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकार और निजी कंसेशनरों के साथ हुई बातचीत में ड्राइवरों की ज्यादातर मांगों पर सहमति बन गई है। फिलहाल वेतन बढ़ोतरी का मुद्दा बाकी है, जिस पर श्रम विभाग से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा।
ड्राइवरों ने कहा- ठोस समाधान तक जारी रहेगा आंदोलन
सरकार की अपील के बावजूद प्रदर्शन कर रहे ड्राइवरों ने तत्काल हड़ताल खत्म करने का ऐलान नहीं किया है। उनका कहना है कि बातचीत जारी है, लेकिन जब तक उनकी मांगों पर ठोस समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हजारों बसें सड़कों से बाहर
हड़ताल के कारण डीटीसी की हजारों बसें प्रभावित हुई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 6,000 बसों के बेड़े में से 3,000 से अधिक बसें सड़कों से बाहर रहीं, जबकि यूनियन ने इससे भी अधिक संख्या में बसों के प्रभावित होने का दावा किया है। यात्रियों का दबाव दिल्ली मेट्रो, ऑटो और ई-रिक्शा जैसे वैकल्पिक साधनों पर बढ़ गया है।
अस्पताल जाने वाले मरीज भी परेशान
बस सेवा बाधित होने का असर अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिवारों पर भी पड़ा है। दिल्ली में इलाज के लिए बाहर से आने वाले कई लोगों को बस नहीं मिलने पर महंगे ऑटो और कैब का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ यात्रियों ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में वैकल्पिक परिवहन पर उनका खर्च काफी बढ़ गया है।
फिलहाल सरकार की ओर से ड्राइवरों को काम पर लौटने की अपील की गई है, जबकि कर्मचारी अपनी मांगों के ठोस समाधान का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में दिल्ली में डीटीसी बस सेवा सामान्य होने को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।