हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय अंचलों में मौसम के बदलते ही हिमपात और कड़ाके की ठंड का प्रकोप प्रारंभ हो गया है। चंबा जिले के चुराह उपमंडल में स्थित समुद्री सतह से लगभग 14,500 फीट की ऊंचाई पर निर्मित रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण साच पास (Sach Pass) पर ताजा हिमपात होने से समूचा इलाका बर्फ की मोटी चादर से ढक गया है। इस कारण बैरागढ़ से किलाड़ को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी का संपर्क जिला मुख्यालय चंबा तथा राज्य के अन्य हिस्सों से पूरी तरह कट गया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, साच पास और उसके आसपास की ऊंची चोटियों पर मंगलवार शाम से प्रारंभ हुआ हिमपात देर रात तक अनवरत जारी रहा। इस दौरान क्षेत्र में लगभग 5 से 6 इंच तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। चालू वर्षा एवं शीतकालीन सत्र के अंतर्गत साच पास पर हिमपात की यह तीसरी घटना है। बर्फ की भारी परत जमने और सड़कों पर अत्यधिक फिसलन उत्पन्न होने के कारण इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना प्राप्त होते ही लोक निर्माण विभाग (PWD), सीमा सड़क संगठन (BRO) और स्थानीय प्रशासन की तकनीकी टीमें बर्फ हटाने और यातायात बहाल करने के कार्य में जुट गई हैं। हालांकि, अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार गिरते तापमान के कारण राहत एवं मार्ग बहाली के कार्यों में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। मार्ग बंद होने से चंबा और पांगी दोनों ओर अनेक वाहन और यात्री फंस गए हैं।
पांगी घाटी का शेष विश्व से सीधा संपर्क कट जाने के कारण स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए आधिकारिक ट्रैवल एडवाइजरी (यात्रा परामर्श) जारी की है। चंबा जिला प्रशासन ने पर्यटकों, यात्रियों और स्थानीय निवासियों को मौसम पूरी तरह साफ होने तथा प्रशासन द्वारा आधिकारिक अनुमति दिए जाने तक साच पास की ओर यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने अथवा यात्रा स्थगित रखने का आग्रह किया गया है।
अचानक हुए इस हिमपात के कारण चंबा और पांगी घाटी के निचले ग्रामीण इलाकों में भी तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे समूचा क्षेत्र भीषण शीतलहर की चपेट में आ गया है। स्थानीय ग्रामीण ठंड से बचने हेतु अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को विवश हैं। प्रशासन का अनुमान है कि यदि आगामी दो दिनों में मौसम अनुकूल रहा, तो आधुनिक मशीनों के माध्यम से बर्फ हटाकर बैरागढ़-किलाड़ मार्ग को सीमित यातायात हेतु पुनः बहाल कर दिया जाएगा।