बिहार की राजधानी पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित महागठबंधन का राजभवन मार्च भीषण हंगामे में बदल गया। बिहार विधानसभा गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई जोरदार धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक के उपरांत पुलिस ने बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राजद सांसद मीसा भारती और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया।
बिहार के सभी जिलों में प्रखंड स्तरीय विरोध प्रदर्शनों के उपरांत पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के तहत विपक्षी सांसद, विधायक और कार्यकर्ता पटना की सड़कों पर एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए महागठबंधन के हजारों कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त के त्यागपत्र की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों का जत्था राजभवन की ओर आगे बढ़ा, पूर्व से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने जगह-जगह लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
बैरिकेड पर चढ़े तेजस्वी यादव, समर्थकों की पुलिस से तीखी झड़प
मार्च का नेतृत्व कर रहे तेजस्वी यादव विरोध दर्ज कराने के लिए पुलिस बैरिकेड के ऊपर चढ़ गए और वहीं से कार्यकर्ताओं को संबोधित करने लगे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के मध्य जबरदस्त धक्का-मुक्की शुरू हो गई। उत्तेजित कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे मौके पर भारी अफ़रातफ़री की स्थिति बन गई। विरोध जता रहे वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बर कार्रवाई में उनके कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं।
निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर तेजस्वी का सीधा प्रहार
हिरासत में लिए जाने से पूर्व मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के नाम पर धांधली की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग निष्पक्षता खो चुका है और मुख्य चुनाव आयुक्त केंद्र सरकार के इशारे पर विपक्षी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का कार्य कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की बहाली और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उनका यह संवैधानिक संघर्ष जारी रहेगा।
पटना में भारी पुलिस बल और सुरक्षा प्रबंध
राजभवन और संवेदनशील प्रशासनिक इलाकों की सुरक्षा के लिए पटना जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया था। उपद्रव को रोकने के लिए वाटर कैनन और त्वरित कार्रवाई बल (RAF) की तैनाती की गई थी। हिरासत में लिए गए नेताओं को पुलिस गाड़ियों में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया। विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के उपरांत राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में महागठबंधन कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन और सड़कों को जाम करने के समाचार प्राप्त हो रहे हैं।