भारतीय सिनेमा के प्रख्यात एवं बहुमुखी अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक हुए निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच (IMC) पर अपने संबोधन के दौरान नाना पाटेकर के अद्वितीय अभिनय और राष्ट्रनिष्ठा को स्मरण किया। उन्होंने विशेष रूप से नाना पाटेकर की कालजयी फिल्म ‘प्रहार’ (Prahaar: The Final Attack) का उल्लेख करते हुए कहा कि वे न केवल एक महान कलाकार थे, बल्कि कला के माध्यम से राष्ट्र की सुरक्षा, अनुशासन और देश विरोधियों पर कड़ा अंकुश लगाने के विचार के प्रबल पक्षधर थे।
प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि नाना पाटेकर का जाना भारतीय कला, संस्कृति और सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने रेखांकित किया कि ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘तिरंगा’ और ‘प्रहार’ जैसी फिल्मों में नाना पाटेकर द्वारा निभाए गए चरित्रों ने केवल मनोरंजन नहीं किया, बल्कि समाज में राष्ट्रभक्ति, ईमानदारी और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की एक सशक्त चेतना जगाई। ‘प्रहार’ फिल्म में एक कठोर सैन्य अधिकारी की भूमिका निभाते हुए उन्होंने यह दिखाया था कि समाज में अराजक और राष्ट्रविरोधी तत्वों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।
कला के अतिरिक्त नाना पाटेकर के असाधारण सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उनके द्वारा स्थापित ‘नाम फाउंडेशन’ (NAAM Foundation) के जनकल्याणकारी कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में जब किसान जल संकट और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, तब नाना पाटेकर ने आगे आकर जल संरक्षण और किसान सहायता हेतु जो अभूतपूर्व कार्य किए, वे सदैव वंदनीय रहेंगे। उन्होंने अपनी कला और प्रसिद्धि का उपयोग केवल स्वयं के लिए न करके राष्ट्र एवं समाज के सबसे वंचित वर्ग के उत्थान के लिए किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर मराठी और हिंदी सिनेमा के एक ऐसे स्तंभ थे, जिन्होंने अपनी अभिनय शैली में सादगी और आक्रामकता का एक अनूठा संतुलन बनाए रखा। चाहे वह आम नागरिक की समस्याओं को उठाने वाली भूमिकाएं हों या फिर राष्ट्रहित से जुड़े विषय, उनकी आवाज में सत्य की निर्भीकता झलकती थी। उनके विचार और जीवनशैली यह सिद्ध करती है कि एक कलाकार किस प्रकार अपने कर्म से राष्ट्र निर्माण में सीधी और प्रभावी भागीदारी निभा सकता है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के परिजनों, प्रशंसकों, मराठी फिल्म उद्योग और समूचे मनोरंजन जगत के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करे और उनके प्रशंसकों को इस असह्य दुख को सहन करने की शक्ति दे। देश उनके अतुलनीय अभिनय, बेबाक विचारों और निस्वार्थ समाज सेवा के लिए उन्हें सदैव श्रद्धापूर्वक स्मरण रखेगा।