भारत और वेस्टइंडीज के मध्य गुवाहाटी में खेले गए दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में रनों का ऐसा सैलाब आया जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास को पुनर्रचित कर दिया। वेस्टइंडीज द्वारा प्रस्तुत किए गए 405 रनों के विशालकाय लक्ष्य के जवाब में भारतीय क्रिकेट टीम ने केवल 43.3 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर 406 रन बनाकर ऐतिहासिक विजय दर्ज की। भारतीय कप्तान शुभमन गिल के नाबाद 223 रनों के ऐतिहासिक दोहरे शतक और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के 101 रनों के शानदार शतक के बल पर भारत ने 39 गेंद शेष रहते यह असंभव प्रतीत होने वाला लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस ऐतिहासिक मुकाबले की सबसे बड़ी विशिष्टता एक ही एकदिवसीय मैच में 5 बल्लेबाजों द्वारा शतक जड़ा जाना रहा, जो पुरुषों के एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में प्रथम बार देखने को मिला है। वेस्टइंडीज की ओर से जॉन कैंपबेल, कप्तान शाई होप और अमीर जंगू ने शतकीय पारियां खेलीं, जबकि भारत की ओर से शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने शतकीय प्रहार किया। वेस्टइंडीज एकदिवसीय इतिहास की प्रथम ऐसी टीम बन गई जिसके तीन बल्लेबाजों ने एक ही पारी में शतक बनाए, किंतु इसके उपरांत भी टीम को पराजय का सामना करना पड़ा।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने गुवाहाटी के मैदान पर विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया, जो एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास का सबसे तीव्र दोहरा शतक बन गया है। रन चेज (लक्ष्य का पीछा करते हुए) के दौरान नाबाद 223 रनों की यह पारी पूरे लिस्ट-ए क्रिकेट इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। इसके साथ ही गिल ने वनडे क्रिकेट में 11वां शतक पूरा करने के लिए केवल 68 पारियां लीं, जिसके साथ ही उन्होंने भारत के लिए सबसे कम पारियों में 11 शतक बनाने के विराट कोहली (82 पारियां) के कीर्तिमान को ध्वस्त कर दिया।
मुकाबले में भारतीय सलामी जोड़ी शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने प्रथम विकेट के लिए 255 रनों की विशाल साझेदारी की, जो भारत के लिए वनडे इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप है। मैच के दौरान रोहित शर्मा ने भी अपने वनडे करियर के 12,000 रन पूरे करने का गौरव हासिल किया। वे सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के उपरांत इस प्रतिष्ठित मुकाम तक पहुंचने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने। भारत ने इस मुकाबले में मात्र 29.1 ओवरों में 300 रनों का आंकड़ा पार किया, जो एकदिवसीय क्रिकेट में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सबसे तेज 300 रन का कीर्तिमान है।
दोनों टीमों द्वारा बनाए गए कुल 811 रन वनडे इतिहास का तीसरा सर्वोच्च मैच एग्रीगेट बन गया है। इसके साथ ही भारत ने एकदिवसीय प्रारूप में 400 से अधिक रनों का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया, जो वर्ष 2006 में जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका (435 रन) के उपरांत सबसे बड़ा ऐतिहासिक कारनामा है। तीन मैचों की इस श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बनाकर भारतीय टीम ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर दी है, जबकि गुवाहाटी का यह मुकाबला अपने अनगिनत कीर्तिमानों के कारण क्रिकेट इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया है।