भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बॉलीवुड के बहुमुखी अभिनेता और निर्देशक रणदीप हुड्डा को उनकी बहुचर्चित फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पदार्पण निर्देशक (बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर) के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के पश्चात मीडिया से विशेष बातचीत में रणदीप हुड्डा ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि भले ही उन्हें निर्देशन के क्षेत्र में यह सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है, किंतु वे हृदय से स्वयं को सदैव प्रथम एक अभिनेता ही मानते हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए अभिनय ही उनकी कला की मुख्य अभिव्यक्ति है और निर्देशन उसी यात्रा का एक स्वाभाविक विस्तार मात्र था।
रणदीप हुड्डा ने फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के निर्माण के दौरान आई विभिन्न चुनौतियों और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक कथानक को बड़े पर्दे पर जीवंत करने के लिए उन्हें अत्यधिक शोध और शारीरिक परिवर्तन से गुजरना पड़ा था। निर्देशन की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आई थी, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया। रणदीप ने स्पष्ट किया कि जब कोई कलाकार किसी चरित्र में गहराई से उतरता है, तो कहानी को प्रस्तुत करने की दृष्टि स्वाभाविक रूप से विकसित हो जाती है, जिसने उन्हें निर्देशन की कमान संभालने में सहायता प्रदान की।
राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए रणदीप हुड्डा ने अपनी पूरी तकनीकी टीम, सह-कलाकारों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार किसी भी कलाकार अथवा तकनीशियन के लिए सर्वोच्च मान्यता का प्रतीक होता है। यह सम्मान उनके पूरे दल की कड़ी मेहनत, समर्पण और स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के जीवन संघर्ष को प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करने के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें भविष्य में भी अर्थपूर्ण और चुनौतीपूर्ण सिनेमा का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करेगा।
रणदीप हुड्डा का यह वक्तव्य और उपलब्धि फिल्म उद्योग में उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। मुख्यधारा के अभिनेताओं का निर्देशन में उतरना और प्रथम ही प्रयास में राष्ट्रीय स्तर का सर्वोच्च पुरस्कार प्राप्त करना भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत की हस्तियों ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। रणदीप हुड्डा ने यह भी संकेत दिया कि वे आगे भी सशक्त पटकथाओं पर कार्य करते रहेंगे, किंतु अभिनय के प्रति उनका मुख्य समर्पण अनवरत जारी रहेगा।