तेलंगाना हाईकोर्ट ने बीआरएस से कांग्रेस में शामिल हुए खैरताबाद विधायक दानम नागेंद्र को दल-बदल मामले में विधानसभा सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार के 11 मार्च 2026 के उस फैसले को भी रद्द कर दिया, जिसमें नागेंद्र के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।
23 अप्रैल 2024 से अयोग्य माने जाएंगे नागेंद्र
मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जीएम मोहिउद्दीन की पीठ ने कहा कि दानम नागेंद्र 23 अप्रैल 2024 से तेलंगाना विधानसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य माने जाएंगे। अदालत के आदेश के बाद खैरताबाद विधानसभा सीट रिक्त मानी जाएगी और इस सीट पर आगे उपचुनाव की प्रक्रिया हो सकती है।
2023 में BRS के टिकट पर जीते थे चुनाव
दानम नागेंद्र ने 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस के टिकट पर खैरताबाद सीट से जीत हासिल की थी। मार्च 2024 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर सिकंदराबाद सीट से लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें भाजपा के जी. किशन रेड्डी से हार मिली थी।
किस आधार पर हुई अयोग्यता?
दानम नागेंद्र के खिलाफ भाजपा नेता एलेटी महेश्वर रेड्डी और बीआरएस विधायक पी. कौशिक रेड्डी ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अयोग्यता याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि बीआरएस के टिकट पर विधायक चुने जाने के बाद कांग्रेस में शामिल होना और कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ना संविधान की दसवीं अनुसूची में मौजूद दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का आधार है।
विधानसभा अध्यक्ष ने 11 मार्च 2026 को इन याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने अध्यक्ष के फैसले को रद्द करते हुए नागेंद्र को अयोग्य घोषित कर दिया।
हाईकोर्ट ने आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार
अदालत ने नागेंद्र की ओर से आदेश को कुछ समय के लिए स्थगित रखने की मांग भी स्वीकार नहीं की। अदालत ने आदेश की प्रति विधानसभा सचिव, विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग को भेजने का निर्देश दिया।
दानम नागेंद्र बोले- चुनाव आया तो लड़ूंगा
फैसले के बाद दानम नागेंद्र ने कहा कि वह अदालत के आदेश का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव का कार्यक्रम आएगा, वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है और फिलहाल उनका ध्यान चुनाव की तैयारी पर है।
अन्य दलबदल मामलों पर भी नजर
तेलंगाना में बीआरएस के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए अन्य विधायकों से जुड़े अयोग्यता के मामले भी अदालत के समक्ष लंबित हैं। दानम नागेंद्र के मामले में आए फैसले के बाद इन मामलों की कानूनी प्रक्रिया पर भी नजर बनी हुई है। हालांकि, प्रत्येक मामले का फैसला उसके अलग तथ्यों और न्यायिक आदेशों के आधार पर होगा।