तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने बांकुड़ा से सांसद अरूप चक्रवर्ती के खिलाफ दर्ज मामले के लोकपाल द्वारा खारिज किए जाने के बाद बीजेपी पर निशाना साधा है। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं को राहत मिलती है, जबकि पार्टी या अपने रुख पर कायम रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ता है।
अरूप चक्रवर्ती के मामले पर अभिषेक का बयान
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ‘वॉशिंग मशीन’ और ‘क्रशिंग मशीन’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी में शामिल होने पर ‘वॉशिंग मशीन’ इंतजार करती है, जबकि अपने रुख पर कायम रहने वालों के खिलाफ ‘क्रशिंग मशीन’ चलने लगती है। यह अभिषेक बनर्जी द्वारा लगाया गया राजनीतिक आरोप है।
लोकपाल ने क्यों खारिज किया मामला?
बांकुड़ा लोकसभा सांसद अरूप चक्रवर्ती के खिलाफ दर्ज मामले को लोकपाल ने गुण-दोष के आधार पर आगे बढ़ाने योग्य नहीं माना और इसे खारिज कर दिया। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो की 28 अगस्त की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में उनके खिलाफ लगाए गए छह आरोपों को अप्रमाणित बताया गया था।
अरूप चक्रवर्ती करीब तीन महीने पहले तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर पार्टी के बागी गुट में शामिल हुए थे। मामले के खारिज होने के बाद ही अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर यह हमला बोला।
तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी जारी है विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बीच तृणमूल कांग्रेस के संगठन और नेतृत्व को लेकर भी विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग के सामने पार्टी के अलग-अलग गुटों ने अपने-अपने नेतृत्व को वास्तविक तृणमूल कांग्रेस के रूप में मान्यता देने का दावा किया है। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल को लेकर अंतरिम व्यवस्था जारी की है।
अभिषेक बनर्जी के बयान ने ऐसे समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही खींचतान को और चर्चा में ला दिया है। लोकपाल के आदेश और सीबीआई की प्रारंभिक रिपोर्ट के तथ्य अलग हैं, जबकि बीजेपी को लेकर अभिषेक बनर्जी की ‘वॉशिंग मशीन’ वाली टिप्पणी उनका राजनीतिक आरोप है।