पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल गया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया है।
संचिता प्रधान डे के नाम वापस लेने के बाद बदला समीकरण
संचिता प्रधान डे को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने 13 सितंबर को नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था। नामांकन की जांच के बाद उन्हें ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न भी आवंटित किया गया था। इसके बाद उन्होंने राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और फिर चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया। उनकी ओर से नाम वापस लेने की विस्तृत वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को दिया समर्थन
संचिता के चुनाव से हटने के बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा और खुद का कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा। ममता ने कहा कि यह फैसला विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने और उनके अनुसार व्यापक राष्ट्रीय हित में लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनसे फोन पर बातचीत की थी।
नंदीग्राम में अब कौन-कौन मैदान में?
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस की ओर से मिलन प्रधान उम्मीदवार हैं। बीजेपी ने हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक उम्मीदवार हैं। वाम मोर्चे ने भी अपना प्रत्याशी उतारा है। संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी के गुट का इस सीट पर कोई उम्मीदवार नहीं रह गया है।
टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर भी विवाद
नंदीग्राम का यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच चल रहे नाम और चुनाव चिह्न के विवाद के बीच सामने आया है। निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को होगा मतदान
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव के लिए मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। यह सीट शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा सीट छोड़ने के बाद खाली हुई थी। अब ममता गुट के उम्मीदवार के हटने और कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने के बाद नंदीग्राम के चुनावी मुकाबले में एक नया राजनीतिक समीकरण सामने आया है।