बेंगलुरु में नकली कैंसर दवाओं की सप्लाई से जुड़े एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर नकली दवाएं शहर के 90 से ज्यादा अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स तक पहुंचाई गईं। इस मामले ने मरीजों की सुरक्षा और अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के मुताबिक, आरोपियों ने महंगी कैंसर दवाओं को कथित तौर पर दोबारा पैक कर असली दवाओं के नाम और पैकेजिंग की नकल करते हुए बाजार में उतारा। इन दवाओं को वास्तविक दवाओं की तुलना में कम कीमत पर खरीदा गया और बाद में अस्पतालों तथा दवा दुकानों के जरिए मरीजों तक पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुछ संदिग्ध दवाओं को जब्त किया गया है और उनके नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली दवाओं का निर्माण कहां किया जा रहा था, उन्हें किस नेटवर्क के जरिए बेंगलुरु लाया गया और अस्पतालों तक उनकी सप्लाई कैसे पहुंची।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब अधिकारियों को कैंसर की कुछ महंगी दवाओं की पैकेजिंग और गुणवत्ता को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद जांच शुरू की गई और दवा आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल की गई। जांच आगे बढ़ने पर कई अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स तक कथित सप्लाई की जानकारी सामने आई।
कैंसर की दवाओं के मामले में यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि ऐसी दवाओं की गुणवत्ता और सही मात्रा मरीज के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नकली या मानक के अनुरूप नहीं होने वाली दवा मरीज की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है और इलाज की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती है।
पुलिस अब इस कथित रैकेट से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स ने इन दवाओं की खरीद के दौरान जरूरी सत्यापन प्रक्रिया का पालन किया था या नहीं। अधिकारियों की नजर सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों पर भी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क का दायरा बेंगलुरु तक सीमित है या नकली कैंसर दवाओं की सप्लाई दूसरे शहरों और राज्यों तक भी की गई है। इसके लिए दवा खरीद, बिल, पैकेजिंग, आपूर्ति और वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और दवा नियामक अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मरीजों और अस्पतालों को महंगी दवाएं खरीदते समय अधिकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही खरीदारी करनी चाहिए और दवाओं की पैकेजिंग, बैच नंबर, निर्माण एवं समाप्ति तिथि समेत जरूरी जानकारी की जांच करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और कथित नकली दवाओं के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। बेंगलुरु के 90 से ज्यादा अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स तक ऐसी दवाओं की कथित पहुंच सामने आने के बाद यह मामला देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में दवा आपूर्ति की निगरानी को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।