गुजरात के राजकोट सिविल अस्पताल में एक गंभीर घटना सामने आई है। बीती देर रात सीनियर डॉक्टर अश्विन रमाणी ने महिला रेजिडेंट डॉक्टर क्रिशा शिंगाला को थप्पड़ मार दिया। इस घटना का CCTV वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने डॉक्टर रमाणी के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब रेजिडेंट डॉक्टर क्रिशा शिंगाला एक गंभीर मरीज को लेकर सीनियर डॉक्टर अश्विन रमाणी के पास गईं। उन्होंने डॉक्टर से कहा कि मरीज की हालत बहुत खराब है और उसे तुरंत ICU में भर्ती करने की जरूरत है। इसके बावजूद डॉक्टर रमाणी ने मरीज को जनरल वार्ड में ही रखने को कहा। जब डॉ. क्रिशा ने दोबारा मरीज की गंभीर स्थिति का हवाला दिया तो डॉक्टर रमाणी भड़क गए। उन्होंने महिला डॉक्टर को अपशब्द कहे और फिर थप्पड़ भी जड़ दिया।
घटना के बाद सिविल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर आधी रात को अस्पताल परिसर में हड़ताल पर बैठ गए। पुलिस ने डॉक्टर रमाणी के खिलाफ FIR दर्ज की और अस्पताल प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद हड़ताल समाप्त की गई। आज सुबह पुलिस ने डॉक्टर रमाणी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उन्हें सिविल अस्पताल में प्रवेश करने से भी रोक दिया गया है।
अस्पताल में सिविल सुपरिंटेंडेंट, आरएमओ, डॉक्टरों और पीड़ित डॉक्टर के माता-पिता के साथ बैठक हुई। आरएमओ डॉ. हर्षद दुसरा ने बताया कि रिपोर्ट गांधीनगर के उच्च कार्यालय को भेज दी गई है। जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक संबंधित डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं रह सकेंगे। डॉ. रमाणी के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें आ चुकी हैं।
इस बीच सिविल अस्पताल की सुपरिंटेंडेंट डॉ. मोनाली मांकड़िया को पद से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह डॉ. कमल डोडिया को नया अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पीड़ित डॉक्टर क्रिशा के पिता निलेश शिंगाला ने कार्रवाई पर संतोष जताया और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मांग की है कि आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड किया जाए।