अकल्पनीय तेजी के बीच भारत सहित पूरी दुनिया में सोने की मांग ने नया रिकॉर्ड बनाया है। जुलाई से सितंबर 2025 के दौरान, ऊंचे दामों के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं और निवेशकों ने सोने की खरीदारी में कोई कमी नहीं की। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ‘गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स रिपोर्ट’ के अनुसार, इस तिमाही में देश में सोने की कुल मांग ₹2,03,240 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23% अधिक है। हालांकि मात्रा के लिहाज से मांग में 16% की कमी आई है। वैश्विक स्तर पर कुल मांग 1,313 टन रही, जो सालाना 3% की वृद्धि दर्शाती है। मूल्य के आधार पर मांग 44% बढ़कर 146 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते सोने के दामों ने इस तिमाही में 13 बार नए उच्च स्तर बनाए, जबकि आभूषणों की मांग में गिरावट देखी गई। निवेश के क्षेत्र में सबसे अधिक सक्रियता एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में रही — जिनमें 222 टन सोने की खरीद हुई, जो 2020 के रिकॉर्ड के करीब है।
बार और सिक्कों की मांग लगातार चौथी तिमाही में 300 टन से अधिक रही। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दरों में कमी और डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों में सोने के प्रति विश्वास को बढ़ाया है। आभूषणों की मांग में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई — 31% घटकर 117.7 टन, हालांकि मूल्य लगभग ₹1,14,270 करोड़ के आसपास स्थिर रहा। भारत और चीन दोनों में निवेश के रूप में बार और सिक्कों की खरीद क्रमशः 20% और 19% बढ़ी। विशेष रूप से भारतीय निवेशकों ने इस तिमाही में 10 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड बनाया है। वैश्विक स्तर पर भी आभूषणों की मांग 19% घटी, लेकिन मूल्य में 13% की वृद्धि हुई। प्रौद्योगिकी क्षेत्र में AI सर्वर और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग ने सोने के उपयोग को समर्थन दिया, हालांकि कुल तकनीकी मांग 2% घटकर 82 टन रह गई। कुल आपूर्ति इस तिमाही में अब तक के सर्वाधिक 1,313 टन तक पहुंच गई है।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी भी मजबूत रही — जुलाई से सितंबर के बीच 220 टन सोने की खरीद हुई, जो पिछले तिमाही की तुलना में 28% अधिक है। कज़ाख़स्तान, ब्राज़ील, तुर्की और ग्वाटेमाला ने सबसे अधिक सोना खरीदा, जबकि पोलैंड ने अपने भंडार में 30% सोना रखने का लक्ष्य तय किया है। चीन, इराक और फिलीपींस ने भी अपने भंडार बढ़ाए हैं। निवेशकों ने इस वर्ष सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प (‘सेफ हेवन’) के रूप में प्राथमिकता दी है। तीसरी तिमाही में कुल निवेश मांग 537 टन रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 47% अधिक है। केवल सितंबर में ही ETF निवेश में 26 अरब डॉलर की नई प्रविष्टियां दर्ज की गईं, जिससे सोने की कीमतों में और तेजी आई है।