वर्तमान वर्ष के जनवरी से अक्टूबर मध्य तक जारी सार्वजनिक निर्गमों (IPO) में देश के म्यूचुअल फंडों ने कुल 22,750 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह राशि अब तक के 1.22 लाख करोड़ रुपये के कुल IPO का लगभग 20% है, जो प्राइमरी मार्केट में फंड हाउस की बढ़ती सक्रियता का संकेत देती है। फंड हाउस के कुल निवेश में से 15,158 करोड़ रुपये एंकर निवेश के माध्यम से किया गया, जबकि 7,590 करोड़ रुपये योग्य संस्थागत निवेशक (QIB) खंड में निवेश हुए। वर्तमान वर्ष के दौरान सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के माध्यम से निवेश में भी जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है।
औसतन प्रत्येक महीने 20,000 करोड़ रुपये का प्रवाह फंडों में देखा जा रहा है, जिससे कुल लिक्विडिटी मजबूत बनी हुई है। इस पर्याप्त लिक्विडिटी के कारण फंड हाउसों को सेकेंडरी मार्केट के साथ-साथ प्राइमरी मार्केट में भी पूंजी लगाने का विकल्प मिल रहा है। म्यूचुअल फंडों की सक्रिय भागीदारी से देश में प्राइमरी मार्केट को नया उत्साह मिला है। पहले सार्वजनिक निर्गमों की सफलता अधिकांशतः विदेशी संस्थागत निवेशकों पर निर्भर रहती थी, लेकिन हाल ही में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के बाकी महीनों में कई नई कंपनियां IPO लाने की तैयारी में हैं, जिससे प्राइमरी मार्केट के माध्यम से फंड हाउस के निवेश में और वृद्धि की संभावना है।