SBI रिसर्च की नई रिपोर्ट के अनुसार देश की GDP वृद्धि चालू वित्त वर्ष की जुलाई–सितंबर तिमाही में 7.5% तक पहुँच सकती है। GST में किए गए कटौती, त्योहारों के मौसम की शुरुआत और अंतिम दिनों में बढ़ी मांग के कारण अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय गति देखी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेश गतिविधियों में वृद्धि, ग्रामीण खपत में रिकवरी, सेवाओं और विनिर्माण में मजबूत स्थिति तथा GST का तर्कसंगतकरण — इन सभी कारकों ने अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त गति दी है।
SBI के आर्थिक अनुसंधान विभाग के अनुसार कृषि, उद्योग और सेवाओं क्षेत्रों के कुल 83 प्रमुख उपभोग और मांग संकेतक दूसरी तिमाही में वृद्धि दर्शाते हैं, जबकि पहली तिमाही में यह संख्या 70 थी। इसी आधार पर रिपोर्ट में 7.5% GDP वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। दूसरी ओर, RBI ने दूसरी तिमाही के लिए 7% वृद्धि का अनुमान जारी किया है। नवंबर के GST आँकड़े भी अर्थव्यवस्था की मजबूती की ओर संकेत करते हैं। कुल GST संग्रह नवंबर में 1.49 लाख करोड़ रुपये पार कर गया, जो वार्षिक आधार पर 6.8% वृद्धि दर्शाता है।
इंटीग्रेटेड GST और आयात पर सेस से मिलाकर लगभग 51,000 करोड़ रुपये का संग्रह दर्ज होने से नवंबर का कुल GST संग्रह 2 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकता है। मांग में वृद्धि के शुरुआती संकेत क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड खर्च से मिले। ई-कॉमर्स चैनल में ऑटो, ग्रॉसरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्निशिंग और ट्रैवल जैसी श्रेणियों में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। यूटिलिटी और सेवाओं में 38%, सुपरमार्केट और ग्रॉसरी में 17% तथा ट्रैवल सेगमेंट में 9% तक का खर्च हुआ है।