कैलेंडर वर्ष 2025 में भारत के आईटी क्षेत्र में फिर से रफ्तार देखने को मिली है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष के दौरान कुल आईटी नौकरियों की मांग 18 लाख तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16% की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि आईटी उद्योग में भर्ती फिर से मजबूत हो रही है। वर्कफोर्स और टैलेंट सॉल्यूशंस प्रोवाइडर क्वेस कॉर्प द्वारा तैयार “आईटी वर्कफोर्स ट्रेंड्स इन इंडिया 2025” रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स ने आईटी भर्ती में अहम भूमिका निभाई है।
वर्ष 2025 में कुल भर्ती में से लगभग 27% हिस्सा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स सेगमेंट का रहा, जो 2024 में केवल 15% था। प्रोडक्ट और SaaS कंपनियों ने चयनात्मक रूप से भर्ती बढ़ाई है, जबकि आईटी सर्विसेज और कंसल्टिंग क्षेत्र में सीमित वृद्धि देखी गई है। फंडिंग में नरमी के कारण स्टार्टअप्स में भर्ती लो सिंगल-डिजिट स्तर तक सीमित रही, ऐसा भी रिपोर्ट में कहा गया है।
भर्ती में सबसे अधिक झुकाव मिड-एक्सपीरियंस प्रोफेशनल्स की ओर रहा। 4 से 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले कर्मचारी कुल भर्ती का लगभग 65% थे, जबकि एंट्री-लेवल भर्ती केवल 15% तक सीमित रही। इसके साथ ही कॉन्ट्रैक्ट आधारित भर्ती में भी बढ़ोतरी हुई है और 2025 में इसका हिस्सा 10 से 11% रहा। रिपोर्ट के अनुसार 2026 तक आईटी क्षेत्र में भर्ती की गति बनी रहने की संभावना है, विशेष रूप से विशिष्ट डिजिटल स्किल्स और टियर-II शहरों में विस्तार की उम्मीद जताई गई है।