चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से नवंबर तक के पहले आठ महीनों के दौरान देश के इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के निर्यात में सालाना आधार पर उल्लेखनीय 38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और यह आंकड़ा 31 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में स्मार्टफोन का हिस्सा करीब 60 प्रतिशत रहा है। देश की शीर्ष 30 प्रमुख निर्यात वस्तुओं में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का निर्यात सबसे तेज गति से बढ़ रहा है।
चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में 79.70 अरब डॉलर के साथ इंजीनियरिंग सामान का निर्यात पहले स्थान पर रहा, जबकि 37.90 अरब डॉलर के साथ पेट्रोलियम उत्पाद दूसरे स्थान पर और 31 अरब डॉलर के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स सामान तीसरे स्थान पर रहा। पिछले वित्त वर्ष 2025 की समान अवधि में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 44.58 अरब डॉलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का निर्यात 22.50 अरब डॉलर था। इसकी तुलना में चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में 14.70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात मूल्य में लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
इस स्थिति के चलते पेट्रोलियम उत्पादों और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, वित्त वर्ष 2028 तक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के पेट्रोलियम उत्पादों को पीछे छोड़ने की संभावना जताई जा रही है। चालू वर्ष के नवंबर महीने में केवल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में ही 39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 4.81 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में देश की शीर्ष 30 निर्यात वस्तुओं में से 17 में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि 13 वस्तुओं के निर्यात में गिरावट देखने को मिली है।