तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) एक अहम ‘एक्स-फैक्टर’ बनकर उभर रही है। चुनाव से पहले विजय के सामने सबसे बड़ी दुविधा यह है कि वे अकेले चुनाव लड़ें या किसी बड़े गठबंधन का हिस्सा बनें।
राज्य में पहले से ही मजबूत मल्टी-पार्टी गठबंधन मौजूद हैं, जिनमें डीएमके और एआईएडीएमके जैसे बड़े दल शामिल हैं। ऐसे में विजय के लिए ‘234 सीटों’ पर अकेले दम पर चुनाव लड़ना एक बड़ा और जोखिम भरा फैसला हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि TVK अकेले चुनाव लड़ती है और 15-20% वोट शेयर हासिल करती है, तब भी यह जरूरी नहीं कि वह बड़ी संख्या में सीटों में तब्दील हो सके। इसी तरह की स्थिति पहले भी कई राज्यों में देखी गई है, जहां अच्छा वोट शेयर सीटों में परिवर्तित नहीं हो पाया।
वहीं, अगर विजय किसी गठबंधन का हिस्सा बनते हैं, खासकर NDA के साथ, तो उन्हें सीमित सीटों पर ही चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है, जिससे उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और समर्थकों की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।
TVK की एक बड़ी चुनौती यह भी है कि उसके ज्यादातर उम्मीदवार नए और कम पहचाने हुए चेहरे होंगे, साथ ही पार्टी का बूथ मैनेजमेंट अभी पूरी तरह मजबूत नहीं माना जा रहा है।
फिलहाल, नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले विजय के सामने यह तय करना सबसे अहम है कि वे ‘अकेला शेर’ बनकर मैदान में उतरेंगे या गठबंधन की राजनीति अपनाएंगे। उनका यह फैसला तमिलनाडु चुनाव 2026 के परिणामों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।