भारतीय प्राथमिक बाज़ार ने 2025 में ऐतिहासिक उपलब्धि की दिशा में कदम बढ़ाया है। 18 साल बाद पहली बार मेनबोर्ड IPO की संख्या 100 के आंकड़े को पार करने जा रही है। अभी तक 96 कंपनियाँ बाज़ार में आ चुकी हैं और आने वाले दिनों में IPrU एस्सेट, पार्क मेडिवर्ल्ड, कोरोना रेमेडीज, नेफ्रोकेयर हेल्थ और Wakefit Innovation सहित पाँच नए इश्यू आने से यह संख्या 100 को पार कर जाएगी।
इस वर्ष कंपनियों ने IPO के ज़रिए कुल ₹1.70 लाख करोड़ से अधिक जुटाए हैं, जो पिछले वर्ष के 91 IPO द्वारा जुटाए गए ₹1.59 लाख करोड़ के रिकॉर्ड को भी पार कर चुका है। लगातार दूसरे वर्ष प्राथमिक बाज़ार में पूंजी संग्रह का नया रिकॉर्ड बनने का यह पहला अवसर है।
सेकंडरी बाज़ार में अस्थिरता, कमजोर कॉर्पोरेट मुनाफे और अमेरिका के साथ ट्रेड डील की अनिश्चितता के बावजूद IPO मार्केट ने अद्भुत स्थिरता दिखाई है। जून से हर महीने कम से कम आठ नए इश्यू आए हैं।
जुलाई और अगस्त में Nifty, Midcap और Smallcap में गिरावट के बावजूद 25 कंपनियों ने IPO द्वारा ₹26,579 करोड़ जुटाए। सितंबर तो 25 IPO के साथ जनवरी 1997 के बाद सबसे व्यस्त महीना बन गया। इस वर्ष कई बड़े IPO आए हैं जैसे– टाटा कैपिटल ₹15,512 करोड़, LG इलेक्ट्रॉनिक्स ₹11,604 करोड़, Lenskart Solutions ₹7,278 करोड़ और Grow Parent Billion Brain Garage Ventures ₹6,632 करोड़।
ब्रोकर्स के अनुसार, रिटेल निवेशक इस तेजी में बड़े योगदानकर्ता रहे हैं। नए लिस्ट हुए 93 IPO में से 63 ने लिस्टिंग पर लाभ दिया है। कुछ कंपनियों ने तो 76% तक रिटर्न दिया, जिससे अनेक रिटेल निवेशक तेज़ लाभ के लिए आकर्षित हुए हैं। हालांकि लिस्टिंग के बाद के प्रदर्शन को देखें तो इश्यू प्राइस से वर्तमान कीमतों पर औसत रिटर्न सिर्फ 8% रहा है।
SEBI के आंकड़ों के अनुसार देश में निवेशकों की संख्या अब 13.60 करोड़ हो गई है, जबकि डिमैट खातों की संख्या 21 करोड़ पार कर चुकी है। IPO की बढ़ती चर्चा और गर्माहट के कारण निवेशक बड़ी संख्या में डिमैट खाते खोल रहे हैं। अक्टूबर 2025 में ही 30 लाख से अधिक नए डिमैट खाते खोले गए। पिछले तीन महीनों में IPO की भारी भीड़ को देखते हुए दिसंबर तिमाही में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।