कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन (25+ वर्ष अनुभव) ने चेतावनी दी है कि धूम्रपान न सिर्फ फेफड़ों और दिल को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि हड्डियों की सेहत को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा, “ज्यादातर लोग धूम्रपान को फेफड़ों के कैंसर, हार्ट अटैक या स्ट्रोक से जोड़ते हैं, लेकिन यह हड्डियों की घनत्व (bone density) को भी कम करता है, जिससे हड्डियां कमजोर और नाजुक हो जाती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।”
धूम्रपान हड्डियों को कैसे कमजोर बनाता है?
- धूम्रपान ऑस्टियोब्लास्ट्स (नई हड्डी बनाने वाली कोशिकाओं) और ऑस्टियोक्लास्ट्स (पुरानी हड्डी को तोड़ने वाली कोशिकाओं) को सीधे प्रभावित करता है।
- इससे हड्डियों में सूजन (inflammation) बढ़ती है, जो हड्डी के टूटने की प्रक्रिया को तेज कर देती है।
- धूम्रपान शरीर की कैल्शियम अवशोषण क्षमता को कम कर देता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है।
- परिणाम: हड्डियों की घनत्व घटती है, हड्डियां पतली और भंगुर हो जाती हैं।
मुख्य खतरे:
- धूम्रपान करने वालों में हिप फ्रैक्चर का खतरा गैर-धूम्रपान करने वालों की तुलना में दोगुना होता है।
- चोट और फ्रैक्चर का कुल जोखिम काफी बढ़ जाता है।
अच्छी खबर: डॉ. लंदन ने कहा, “सबसे अच्छी बात यह है कि धूम्रपान छोड़ने पर यह प्रक्रिया उलट सकती है। धूम्रपान छोड़ना आपके दिल, फेफड़ों और हड्डियों के लिए सबसे शक्तिशाली कदमों में से एक है।”
डॉक्टर ने जोर दिया कि धूम्रपान के नुकसान सिर्फ फेफड़ों और दिल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे शरीर की हड्डी प्रणाली को प्रभावित करते हैं। अगर आप धूम्रपान करते हैं तो जितनी जल्दी छोड़ें, उतना बेहतर।