कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ईरान-अमेरिका युद्ध में पाकिस्तान को शांति वार्ता का नेतृत्व करने पर नाराजगी जताई है। थरूर ने कहा कि भारत को इस मुद्दे पर आगे आना चाहिए था और पाकिस्तान की भूमिका उन्हें “embarrassing” लग रही है।
थरूर ने कहा, “मुझे इस बात पर खुशी नहीं हो सकती। यह हमारे लिए थोड़ा शर्मनाक है। मैंने सरकार की चुप्पी और संयम का समर्थन किया था क्योंकि मुझे उम्मीद थी कि भारत दोनों पक्षों के साथ अच्छे संबंधों का फायदा उठाकर शांति की पहल करेगा और शांति की प्रमुख आवाज बनेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं पिछले तीन हफ्तों से भारत से नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की अपील कर रहा हूं। लेकिन अब पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के साथ शांति वार्ता का नेतृत्व कर रहा है। हम सब शांति चाहते हैं, लेकिन भारत को कोई क्रेडिट नहीं मिल रहा जबकि पाकिस्तान वार्ता कर रहा है।”
पृष्ठभूमि: ईरान-अमेरिका युद्ध के चौथे सप्ताह में पाकिस्तान शांति मध्यस्थता का प्रमुख देश बनकर उभरा है। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी की पेशकश की है। इस बीच भारत की चुप्पी पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर का जवाब: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि भारत “दलाल राष्ट्र” नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 1981 से अमेरिका द्वारा इस्तेमाल होता आ रहा है।
सभी दलों की बैठक में PM मोदी का बयान: पश्चिम एशिया संकट पर हुई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से युद्ध जल्द समाप्त करने की अपील की थी।
शशि थरूर ने हालांकि कहा कि वे पाकिस्तान को “शुभकामनाएं” देते हैं, लेकिन भारत की अनुपस्थिति उन्हें परेशान कर रही है।