खाड़ी में गहराया युद्ध का संकट: सऊदी अरब ने ईरान को दी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी
सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। रियाद में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सऊदी अरब अपनी रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रखता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के पास ऐसी “महत्वपूर्ण क्षमताएं और सामर्थ्य” हैं, जिनका उपयोग जरूरत पड़ने पर प्रभावी ढंग से किया जाएगा।
हमलों की सोची-समझी साजिश सऊदी अरब ने तेहरान पर सीधा आरोप लगाया है कि वह अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के माध्यम से सुनियोजित और सटीक हमले कर रहा है। विदेश मंत्री ने हालिया हमलों की सटीकता का हवाला देते हुए इन्हें “पूर्व-निर्धारित और सुविचारित साजिश” करार दिया।
तेल और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर निशाना खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा संकट गहरा गया है क्योंकि हाल ही में कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया है:
- सऊदी अरब: रियाद की ओर दागी गई चार बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया, लेकिन उनका मलबा एक रिफाइनरी के पास गिरा। साथ ही, यानबू पोर्ट की ओर आ रही मिसाइल को भी मार गिराया गया।
- कतर और यूएई: कतर के रास लाफान गैस क्षेत्र में भारी नुकसान की खबरें हैं, जबकि यूएई को मिसाइल खतरों के कारण अपनी गैस सुविधाएं बंद करनी पड़ीं।
- कुवैत: यहाँ की मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरियों में ड्रोन हमलों के बाद आग लग गई।
यह तनाव तब और बढ़ गया जब सऊदी अरब में तुर्की, यूएई, कतर और सीरिया जैसे देशों के विदेश मंत्री क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा के लिए जुटे थे, उसी दौरान रियाद के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय करना पड़ा।