आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का राज्यसभा से बहिष्कार किए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। स्वाती मालीवाल प्रकरण के बाद अब विपक्ष ने इस घटना को अरविंद केजरीवाल और राघव चड्ढा के बीच बढ़ते रिश्ते से जोड़ दिया है।
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि राघव चड्ढा हाल के महीनों में केजरीवाल से दूरी बना रहे हैं और पार्टी के अंदर गहरे मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। कुछ नेता इसे “केजरीवाल गुट” और “चड्ढा गुट” के बीच सत्ता संघर्ष का हिस्सा बता रहे हैं।
विपक्ष का तर्क:
- स्वाती मालीवाल के बाद राघव चड्ढा दूसरा बड़ा चेहरा है जिसे किनारे किया जा रहा है
- चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने की अटकलें
- AAP में बढ़ते आंतरिक कलह का संकेत
AAP की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राघव चड्ढा ने भी इस खबर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह घटना दिल्ली की सियासत में नई उथल-पुथल पैदा कर रही है, खासकर जब दिल्ली में AAP सरकार पहले से ही कई विवादों से घिरी हुई है।