पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाली कमान, वैश्विक नेताओं से फोन पर की चर्चा
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य हमले के बाद मध्य पूर्व (Middle East) में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। इस युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट (Energy Crisis) पैदा हो गया है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है, जहाँ से दुनिया का 20 फीसदी ऊर्जा व्यापार होता है। इस गंभीर स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के शीर्ष नेताओं से फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की।
खबर के मुख्य बिंदु:
- कूटनीतिक पहल: पीएम मोदी ने पांचों देशों के नेताओं से अलग-अलग बात कर पश्चिम एशिया में जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया।
- ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर चिंता: प्रधानमंत्री ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई।
- कतर से विशेष बातचीत: पीएम मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात कर क्षेत्र में शांति की उम्मीद जताई और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के लिए आभार व्यक्त किया।
- फ्रांस और ओमान से चर्चा: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ तनाव कम करने पर चर्चा हुई, वहीं ओमान की क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा करते हुए वहां फंसे भारतीयों की वापसी पर सराहना की गई।
- भारत पर असर: युद्ध के कारण भारत के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर को लेकर पैनिक की स्थिति है, जिसे देखते हुए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।