पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट विवाद अब और गंभीर हो गया है। मालदा जिले में Special Intensive Revision (SIR) के अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने 9 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे “साजिश” करार दिया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को सख्त चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़ने या हटाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विवाद की मुख्य वजह:
- फॉर्म-6 के जरिए बड़े पैमाने पर नए वोटर जोड़ने का आरोप
- BJP का दावा – TMC अवैध घुसपैठियों को वोटर लिस्ट में शामिल कर रही है
- TMC का जवाब – BJP जानबूझकर भ्रम फैला रही है
इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। अमित शाह ने पहले ही बंगाल में रोडशो किया था, जिसमें TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी।
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कई जिलों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर किए हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तैयारियां जोरों पर हैं और वोटर लिस्ट विवाद अब चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।