ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख निवेश बैंकिंग फर्म मैक्वारी ग्रुप (Macquarie Group) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका-ईरान युद्ध जून तक चला और हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहा, तो कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
मैक्वारी के एनालिस्ट्स (विकास द्विवेदी सहित) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि युद्ध अगर दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) तक बढ़ा तो तेल की असली कीमतें ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच जाएंगी। इस विकट परिदृश्य की संभावना उन्हें 40% बताई गई है।
मुख्य कारण:
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का परिवहन करता है। अगर यह बंद रहा तो वैश्विक आपूर्ति में भारी कमी आएगी।
- लंबे समय तक युद्ध चलने से मांग नष्ट करने के लिए कीमतों को बहुत ऊंचा उठाना पड़ेगा।
- पहले से ही तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और बीमा प्रीमियम में 25-100% की बढ़ोतरी हो चुकी है।
मैक्वारी का अनुमान:
- युद्ध अगर जून तक चला तो तेल $200 प्रति बैरल तक जा सकता है।
- इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी मुद्रास्फीति का झटका लगेगा और विकास दर प्रभावित होगी।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार अभी भी इस संकट की गंभीरता को कम आंक रहा है। अगर हॉर्मुज का बंद लंबा खिंचा तो दुनिया को बड़े पैमाने पर तेल मांग घटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब ईरान-अमेरिका युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और हॉर्मुज पर तनाव लगातार बढ़ रहा है।