केंद्र सरकार ने जन विश्वास बिल 2.0 में कई महत्वपूर्ण संशोधनों का प्रस्ताव किया है। इस बिल का मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और व्यावसायिक गतिविधियों को आसान बनाना है।
प्रमुख प्रस्तावित बदलाव:
- छोटे अपराधों का अपराध मुक्त करना: कई छोटी-मोटी गलतियों को अब जेल की सजा की बजाय केवल जुर्माने से निपटाया जाएगा।
- जमीन अतिक्रमण पर सख्ती: सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान।
- व्यापार और उद्योग को बढ़ावा: अनुपालन (Compliance) को आसान बनाने के लिए कई नियमों में छूट और सरलीकरण।
- दंड प्रक्रिया में बदलाव: छोटे मामलों में जेल की बजाय मुआवजा और जुर्माना पर फोकस।
सरकार का दावा है कि ये बदलाव “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को और बेहतर बनाएंगे और आम नागरिकों तथा उद्योगों पर अनावश्यक मुकदमेबाजी का बोझ कम करेंगे।
जन विश्वास बिल का यह दूसरा संस्करण पहले बिल की तुलना में ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। बिल को जल्द ही संसद में पेश किए जाने की संभावना है।