- ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में 48 साल बाद रत्न भंडार (खजाना) की गिनती और सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
- यह प्रक्रिया 25 मार्च 2026 को शुभ मुहूर्त (दोपहर 12:09 बजे) से पारंपरिक विधि-विधान के साथ शुरू की गई।
- रत्न भंडार में मौजूद सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात और अन्य कीमती आभूषणों की विस्तृत इन्वेंट्री तैयार की जा रही है।
- इससे पहले आखिरी बार यह गिनती वर्ष 1978 में हुई थी, जिसमें करीब 128 किलो सोना और 221 किलो चांदी दर्ज की गई थी।
- इस बार प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल फोटोग्राफी, 3D मैपिंग और दस्तावेजीकरण शामिल है।
- गिनती के लिए विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें मंदिर सेवायत, सरकारी बैंक अधिकारी, रत्न विशेषज्ञ (जेमोलॉजिस्ट) और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि शामिल हैं।
- पूरी प्रक्रिया चरणों में होगी—पहले दैनिक उपयोग के आभूषण, फिर बाहरी कक्ष (बाहरा भंडार) और अंत में सबसे सुरक्षित अंदरूनी कक्ष (भीतरा भंडार) की जांच की जाएगी।
- इस दौरान मंदिर की नियमित पूजा-पाठ और दर्शन व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी, हालांकि कुछ हिस्सों में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
- राज्य सरकार द्वारा तय SOP (मानक प्रक्रिया) के अनुसार पारदर्शिता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
- इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य मंदिर के खजाने का सही रिकॉर्ड तैयार करना और भविष्य के लिए उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पुरी जगन्नाथ मंदिर का रहस्यमयी खजाना खुला: 48 साल बाद रत्न भंडार की गिनती शुरू