ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के चौथे सप्ताह में पाकिस्तान में संभावित बातचीत की रिपोर्ट्स पर व्हाइट हाउस ने साफ चेतावनी दी है कि कोई भी अटकलें न लगाई जाएं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कारोलाइन लेविट ने कहा, “ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा। यह स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए किसी भी बैठक की अटकल को अंतिम न माना जाए जब तक व्हाइट हाउस द्वारा औपचारिक रूप से घोषणा न की जाए।”
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने की बातचीत हो सकती है। इन रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी पक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति JD वेंस, स्टीव विटकॉफ और जared कुश्नर शामिल हो सकते हैं, जबकि ईरानी delegation का नेतृत्व संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ करेंगे। रॉयटर्स ने पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से और टाइम्स ऑफ इजराइल ने इजरायली सूत्रों के आधार पर यह खबर दी थी।
ट्रंप का दावा और ईरान का खंडन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान डील के लिए उत्सुक है और रविवार को कुश्नर व विटकॉफ ने ईरानी नेता से बात की। लेकिन ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा, “कोई बातचीत नहीं हुई। फेक न्यूज का इस्तेमाल फाइनेंशियल और ऑयल मार्केट्स को मैनिपुलेट करने तथा अमेरिका-इजराइल की मुश्किल से बचने के लिए किया जा रहा है।”
पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की और क्षेत्र में शांति लाने में पाकिस्तान की मदद का आश्वासन दिया। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी इस कूटनीतिक प्रयास में सक्रिय बताए जा रहे हैं। पाकिस्तान खुद को दोनों देशों के बीच मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है।
वर्तमान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जो दुनिया की 20% कच्चे तेल की ढुलाई का रास्ता है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि कोई भी बैठक अभी पुष्ट नहीं है और स्थिति बेहद fluid है।