भारतीय रसोई में सदियों से उपयोग की जाने वाली कई जड़ी-बूटियाँ आज भी प्राकृतिक औषधि के रूप में मानी जाती हैं। दिल्ली के फोर्टिस वसंत कुंज के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स्या ने तीन ऐसी भारतीय जड़ी-बूटियों के बारे में बताया है, जिनके कई स्वास्थ्य लाभ हैं।
डॉ. वत्स्या के अनुसार अश्वगंधा तनाव और चिंता को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह कोर्टिसोल के स्तर को कम करती है, नींद की गुणवत्ता सुधारती है और मांसपेशियों की रिकवरी में भी सहायक होती है।
वहीं तुलसी को एक शक्तिशाली प्राकृतिक रोगाणुरोधी जड़ी-बूटी माना जाता है। यह इम्युनिटी बढ़ाने, गले की समस्या और श्वसन संबंधी दिक्कतों से राहत दिलाने में मदद कर सकती है।
तीसरी जड़ी-बूटी मोरिंगा को पोषक तत्वों से भरपूर सुपरफूड बताया गया है। इसमें कई जरूरी अमीनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक भारतीय जड़ी-बूटियाँ सही तरीके से उपयोग करने पर स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।