पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया ने राज्य की चुनावी तस्वीर को काफी प्रभावित किया है।
चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में फर्जी और दोहरे वोटरों को हटाने के साथ-साथ कई वैध वोटरों के नाम भी गलती से हटने की शिकायतें आई हैं।
मुख्य विवाद:
- TMC ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया पक्षपाती है और विपक्षी वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है
- BJP का दावा है कि SIR से फर्जी वोटर हटाए गए हैं, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा है
- चुनाव आयोग ने कहा कि SIR का उद्देश्य स्वच्छ वोटर लिस्ट तैयार करना था
- ममता बनर्जी ने ECI पर सवाल उठाए, जबकि BJP ने इसे पारदर्शी प्रक्रिया बताया
यह विवाद पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 को लेकर सियासी घमासान को और बढ़ा रहा है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप लगा रही हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि अंतिम वोटर लिस्ट जल्द प्रकाशित की जाएगी।