थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने चेतावनी दी है कि वीज़ा शुल्क वृद्धि से भारत नहीं बल्कि अमेरिका को ज्यादा नुकसान होगा। भारतीय आईटी कंपनियां पहले से ही अमेरिका में अपने 50–80% कर्मचारियों को स्थानीय नागरिकों से भर रही हैं। एच1बी पर आने वाले कर्मचारियों की कमाई अमेरिकी कर्मचारियों से 40% कम होती है, जबकि भारत में काम करने वाले 80% सस्ता श्रम प्रदान करते हैं।
ऐसे में भारी फीस चुकाने के बजाय अमेरिकी कंपनियां ऑफशोरिंग की ओर झुकेंगी और भारत से रिमोट काम बढ़ेगा। इससे अमेरिका में भर्ती घटेगी और लागत व नवाचार पर असर पड़ेगा। भारत इस स्थिति का लाभ उठाकर सॉफ्टवेयर, क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में घरेलू क्षमता बढ़ा सकता है।