असम विधानसभा चुनाव 2026 में जोरहाट सीट पर अनोखी जंग देखने को मिल रही है। कांग्रेस के असम प्रदेश अध्यक्ष और तीन बार लोकसभा सांसद गौरव गोगोई अपनी पहली विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनका मुकाबला BJP के दिग्गज नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर हितेंद्र नाथ गोस्वामी से है। दोनों ने सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल किए।
जोरहाट कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, लेकिन 2016 से गोस्वामी दो बार यहां से जीत चुके हैं। 67 वर्षीय गोस्वामी 1991 से पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं – तीन बार असम गण परिषद (AGP) और दो बार BJP से। वे वकील से नेता बने और 1996-2001 में मंत्री भी रह चुके हैं।
43 वर्षीय गौरव गोगोई पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले 10 साल में असम की राजनीति बहुत गिर गई है। यह ऐतिहासिक मौका है कि मतदाता इसे बदलें।” उन्होंने गोस्वामी को “जोरहाट के भीष्म पितामह” कहा और सम्मान जताते हुए कहा, “मैं अर्जुन की तरह लड़ाई लड़ूंगा और जीतने का कर्तव्य निभाऊंगा।”
गोस्वामी ने गौरव को अच्छा वक्ता बताते हुए कहा, “वे लोकसभा सांसद के रूप में दो साल में जोरहाट विधानसभा क्षेत्र के लिए क्या कर सके, इसका रिपोर्ट कार्ड नहीं दे सकते।” अगर वे जीते तो जोरहाट मेडिकल कॉलेज में सुपर-स्पेशियलिटी विंग बनाने और हर घर में साफ पानी पहुंचाने को प्राथमिकता देंगे।
वोटरों की राय: स्थानीय मतदाता बाबू सैकिया ने कहा, “दोनों उम्मीदवार शिक्षित और साफ छवि वाले हैं। दोनों को बराबर समर्थन है, लड़ाई रोचक होगी।”
यह मुकाबला असम की राजनीति में ‘जेंटलमैनली फाइट’ के रूप में चर्चा में है, क्योंकि दोनों नेता एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और कोई व्यक्तिगत हमला नहीं कर रहे हैं। जोरहाट लोकसभा क्षेत्र में 10 विधानसभा सीटें आती हैं और यहां कांग्रेस तथा BJP दोनों की मजबूत पकड़ है।