त्योहारों की सीज़न समाप्त होने के बाद भी पैसेंजर वाहनों की बिक्री में जबरदस्त वृद्धि बनी हुई है। फाडा (फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन) के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2024 की 3,29,253 यूनिट्स के मुकाबले वर्तमान वर्ष के इसी महीने में पैसेंजर वाहनों की बिक्री 20% बढ़कर 3,94,152 यूनिट्स पर पहुंच गई है। दिवाली के बाद भी खरीद की मजबूत मांग बनी रहने को इस वृद्धि का मुख्य कारण माना जा रहा है।
खरीफ और रबी दोनों फसलों की अच्छी स्थिति ने ग्रामीण बाज़ार में खरीदारी को और मज़बूत किया है, जिसके कारण खासतौर पर ट्रैक्टर सेगमेंट में 57% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वाहनों का स्टॉक भी घटकर 44–46 दिनों के स्तर पर आ गया है, जबकि पहले यह 53–55 दिनों तक रहता था — जो मांग-आपूर्ति के संतुलित और स्वस्थ हालात का संकेत देता है।
जीएसटी में कमी और दिवाली के बाद की शादी-विवाह की सीज़न ने भी पैसेंजर वाहनों की मांग को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पैसेंजर वाहनों की तुलना में टू-व्हीलर्स में 3% की मामूली कमी देखी गई है, लेकिन कमर्शियल वाहनों में 20% और थ्री-व्हीलर्स में 24% की वृद्धि दर्ज हुई है।
कुल वाहन बिक्री में भी 2% का इज़ाफ़ा होकर यह 33 लाख यूनिट्स को पार कर चुकी है। आमतौर पर त्योहारों के बाद नवंबर में सुस्ती देखने को मिलती है, लेकिन इस वर्ष तस्वीर पूरी तरह अलग रही। अक्टूबर में दिवाली के अंत में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन होने के कारण भी नवंबर की बिक्री मजबूत बनी रही। ग्रामीण बाज़ार में मजबूत आमदनी, जीएसटी रेट कट और उधारी दरों में कमी — इन सभी कारणों से आने वाले 3–4 महीनों में ऑटो उद्योग के लिए और भी अधिक सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद जताई गई है।