कैलेंडर वर्ष 2025 के अंत तक एक महीना बाकी होने के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भारतीय इक्विटी बाजार में खरीद का रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। 26 नवंबर तक के आँकड़ों के अनुसार DII ने इक्विटी कैश मार्केट में कुल अनुमानित ₹7,00,475.12 करोड़ की नेट खरीदारी की है, जो कैलेंडर वर्ष 2024 में की गई ₹5,27,438.45 करोड़ की खरीदारी की तुलना में काफी अधिक है। म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और बैंकों सहित संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग ने इस वृद्धि को मुख्य समर्थन दिया है। चालू वर्ष में जहाँ विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारी बिकवाली की है, वहीं DII ने बाजार की धारणा को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वर्ष 2025 में अब तक FIIs ने इक्विटी कैश मार्केट में अनुमानित ₹2,67,017.55 करोड़ की नेट बिकवाली दर्ज की है, जो 2024 की ₹3,04,217.25 करोड़ की नेट बिकवाली से कुछ कम है। फिर भी बाजार पर इसके दबाव को कम करने में DII की ज़बरदस्त खरीद उपयोगी रही है। रिटेल निवेशकों में इक्विटी के प्रति बढ़ती रुचि के चलते म्यूचुअल फंडों की खरीद सर्वोच्च रही है और फंड हाउस लगातार बढ़ते फ्लो के सहारे इक्विटी एक्सपोजर बढ़ा रहे हैं।
इक्विटी अन्य निवेश साधनों की तुलना में अधिक रिटर्न दे सकती है, इस धारणा ने रिटेल निवेशकों को बाजार में अधिक धन निवेश करने के लिए प्रेरित किया है, जिसके चलते इक्विटी स्कीमों में लगातार मजबूत इनफ्लो देखे जा रहे हैं। DII की मजबूत खरीद के सामने FII की बिकवाली का दबाव कमज़ोर पड़ते ही शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स ने इस वर्ष के दौरान उल्लेखनीय तेजी दिखाई है। गुरुवार को सेंसेक्स ने इंट्रा-डे में 86,000 अंकों का स्तर पार किया था, जबकि निफ्टी फ्यूचर इंडेक्स ने 26,495 अंकों का नया उच्चतम स्तर छुआ था। कुल मिलाकर चालू वर्ष में भारतीय बाजार के प्रमुख इंडेक्स ने लगभग 10% का रिटर्न दिया है।