कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली के अकबर रोड स्थित उसके मुख्यालय को खाली करने का नोटिस राजनीतिक बदले की भावना से दिया गया है।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने कांग्रेस को 7 दिनों का नोटिस जारी कर अकबर रोड स्थित पार्टी ऑफिस खाली करने को कहा है। नोटिस में दावा किया गया है कि कांग्रेस ने 1980 के दशक से बिना किराए के यह भवन कब्जा रखा हुआ है।
कांग्रेस का पलटवार: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “यह साफ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है। सरकार हमें चुप कराना चाहती है। हम 140 साल पुरानी पार्टी हैं और हमारा मुख्यालय देश की राजधानी में होना चाहिए।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “BJP सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। पहले ED-CBI का दुरुपयोग, अब पार्टी ऑफिस छीनने की साजिश। हम डरने वाले नहीं हैं।”
पार्टी की प्रतिक्रिया:
- कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
- दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि अगर ऑफिस खाली करवाया गया तो पार्टी सड़क पर उतर आएगी।
- कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर “लोकतंत्र की हत्या” का आरोप लगाया।
सरकार का पक्ष: DDA का कहना है कि यह मामला केवल कानूनी है और सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार किया जा रहा है।
पृष्ठभूमि: कांग्रेस का अकबर रोड ऑफिस पिछले कई दशकों से पार्टी का मुख्यालय रहा है। 2014 से पहले यहां कांग्रेस की सरकारें रह चुकी हैं, लेकिन 2014 के बाद से यह विवाद में है।
यह मुद्दा असम विधानसभा चुनाव और आगामी अन्य चुनावों से ठीक पहले सामने आया है, जिससे राजनीतिक गर्मी और बढ़ गई है।