सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने अमेरिका में होने वाले प्रमुख ऊर्जा सम्मेलन CERAWeek से हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। यह सम्मेलन एसएंडपी ग्लोबल द्वारा ह्यूस्टन में 23 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है, जहां नासिर को मंगलवार को मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होना था। ब्लूमबर्ग और रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मध्य पूर्व की बिगड़ती स्थिति के कारण यह फैसला लिया है और सऊदी अरब में ही रहकर संकट संभालने को प्राथमिकता दी है। यह निर्णय अभी सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया गया है।
वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिसमें 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने अमेरिकी धमकियों के जवाब में हार्मुज जलडमरूमध्य को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी दी है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका ईरानी ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करता है, तो क्षेत्र में अमेरिकी वित्तीय संस्थाएं भी निशाना बन सकती हैं। ईरानी सशस्त्र बलों ने भी प्रतिशोध की धमकी दी है।
इस तनाव के कारण सऊदी अरामको ने अपनी क्रूड ऑयल की ढुलाई को ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए रीडायरेक्ट किया है और लाल सागर के यनबू बंदरगाह से निर्यात बढ़ाया है। गुरुवार को ईरानी हमले के बाद लोडिंग कुछ समय के लिए रोकी गई थी। अरामको की संपत्तियों पर भी पिछले हफ्तों में ईरानी हमले हुए हैं।
अमीन नासिर ने मार्च की शुरुआत में ही चेतावनी दी थी कि हार्मुज में लंबे समय तक व्यवधान वैश्विक तेल बाजारों के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। वैश्विक तेल इन्वेंट्री पांच साल के निचले स्तर पर है और ब्रेंट क्रूड की कीमतें 23 मार्च 2026 को एशियाई कारोबार में 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने भी चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया संघर्ष से दशकों की सबसे बड़ी ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा खतरा है।
यह संकट न सिर्फ तेल आपूर्ति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि एविएशन, कृषि और अन्य उद्योगों पर भी गहरा असर डाल सकता है।