आक्रामक हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स के एसेट्स अक्टूबर के अंत में बढ़कर लगभग ₹2.5 लाख करोड़ हो गए हैं, जो पिछले वर्ष के ₹2.21 लाख करोड़ की तुलना में 13% की वृद्धि दर्शाता है। मिश्रित पोर्टफोलियो वाले इन फंड्स ने पिछले दो वर्षों में मजबूत रिटर्न दिए हैं, जिसके चलते निवेशकों में इनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। AMFI के ताज़ा डेटा के अनुसार, एग्रेसिव हाइब्रिड कैटेगरी में निवेशक फोलियो की संख्या 4 लाख से अधिक बढ़कर 60.44 लाख हो गई है, जबकि पिछले वर्ष अक्टूबर में यह 56.41 लाख थी। यह वृद्धि बताती है कि निवेशक स्थिरता और ग्रोथ दोनों प्राप्त करने के लिए मिश्रित पोर्टफोलियो अपना रहे हैं।
परफॉर्मेंस के हिसाब से एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स ने बेंचमार्क की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है। ICICI प्रूडेंशियल इक्विटी–डेट फंड ने दो साल में 19.6% CAGR और पाँच साल में 24.7% CAGR रिटर्न दिया है। महिंद्रा मैनुलाइफ एग्रेसिव हाइब्रिड फंड ने दो साल में 19.3% CAGR और पाँच साल में 20.4% CAGR का परफॉर्मेंस दिया है। बंदन, एडेलवाइस और इन्वेस्को इंडिया सहित कई अन्य हाइब्रिड फंड्स ने भी दो साल में 18–19% CAGR और पाँच साल में 16.5–19.9% CAGR तक के मजबूत रिटर्न दिए हैं।
इसी अवधि में बेंचमार्क निफ्टी हाइब्रिड कंपोज़िट डेट 65:35 इंडेक्स ने केवल 13.1% की वृद्धि दर्ज की। कुल मिलाकर एग्रेसिव हाइब्रिड कैटेगरी ने एक साल में औसत 7%, दो साल में 16.5% और पाँच साल में 17% से अधिक CAGR रिटर्न दिया है। लगातार अच्छे रिटर्न, संतुलित जोखिम प्रबंधन और स्थिरता व ग्रोथ के संयोजन के चलते एग्रेसिव हाइब्रिड फंड निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनते जा रहे हैं।