आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेज विस्तार और ऊर्जा-गहन प्रोसेसिंग की बढ़ती जरूरत के चलते वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर्स की मांग में तेजी आई है। वर्ष 2025 के दौरान डेटा सेंटर क्षेत्र में हुए सौदे ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गए हैं। एस एंड पी ग्लोबल के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष डेटा सेंटर सेक्टर में कुल निवेश 61 अरब डॉलर से अधिक रहा है, जबकि 2024 में यह आंकड़ा लगभग 60.8 अरब डॉलर था। यह वृद्धि ऐसे समय में देखने को मिली है, जब निवेशक AI कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन और डेटा सेंटर्स के लिए भारी फंड जुटाने की प्रक्रिया को लेकर चिंतित हैं।
नवंबर महीने में वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली का माहौल देखने को मिला था, क्योंकि निवेशकों में AI बूम फूटने की आशंका पैदा हो गई थी। डेटा सेंटर्स में रिकॉर्ड स्तर के निवेश में कर्ज आधारित फंडिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बड़े टेक दिग्गज अब महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी बैलेंसशीट से फंड करने के बजाय प्राइवेट इक्विटी और डेट मार्केट्स का सहारा ले रहे हैं। इस रुझान ने डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाली उन्नत तकनीक के वास्तविक मूल्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं और कुछ निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मिशिगन में 10 अरब डॉलर के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए ब्लू आउल कैपिटल द्वारा फंडिंग से इनकार किए जाने के बाद क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर ओरेकल के शेयरों में तेज दबाव देखा गया था। एस एंड पी ग्लोबल के अनुसार, 2025 के पहले 11 महीनों में 100 से अधिक डेटा सेंटर सौदे हुए, जिनका कुल मूल्य 2024 की तुलना में अधिक रहा। इनमें से अधिकांश सौदे अमेरिका में हुए, जबकि एशिया-पैसिफिक क्षेत्र दूसरे स्थान पर रहा।
आईएनजी के अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में डेटा सेंटर निवेश यूरोप की तुलना में पांच गुना तक अधिक हो सकता है। इसके साथ ही, गल्फ देश भी खुद को वैश्विक AI हब के रूप में विकसित करने के लिए तेजी से निवेश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 2025 के दौरान कुल कर्ज जारी करने का आंकड़ा 182 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष 92 अरब डॉलर था। मेटा, गूगल और अमेज़न जैसी अग्रणी कंपनियां भी कर्ज आधारित फंडिंग की ओर बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में डेटा सेंटर सेक्टर में मर्जर और एक्विज़िशन गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे वैल्यूएशन और ऊंचे स्तर पर जा सकते हैं।