भारत और अमेरिका की लंबे समय से अटकी ट्रेड डील को आगे बढ़ाने के संकेतों के बीच अब एक बड़ा कदम उठाया गया है। अगले सप्ताह अमेरिकी अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम भारत का दौरा करेगी, जो द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए तीन दिनों तक चर्चा करेगी। यह बैठक 10 से 12 दिसंबर के बीच नई दिल्ली में होगी और टीम का नेतृत्व अमेरिका के डिप्टी USTR रिक स्विट्ज़र करेंगे।
इस बैठक में ट्रेड डील के बचे मुद्दों के साथ-साथ अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ में संभावित कमी पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, रूस से क्रूड तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने अगस्त में भारत पर लगाए गए टैरिफ को 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया था, जिसके चलते बातचीत उस समय रुक गई थी। हालांकि सितंबर में अमेरिकी टीम की यात्रा के बाद बातचीत को फिर से गति मिली है। 50% टैरिफ लागू होने के बाद अमेरिकी अधिकारियों का यह दूसरा भारत दौरा है।
ट्रेड डील को लेकर पिछले महीनों में दोनों देशों की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि “जल्दी ही एक अच्छी डील लॉक की जाएगी।” भारत की ओर से भी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इसे आगे बढ़ाने की आशा जताई है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि दोनों देशों के बीच तनाव कमज़ोर है और 50% टैरिफ को घटाकर लगभग 20% तक लाने की संभावना है।
अगर डील कुछ हफ्तों में पूरी हो जाती है तो वर्ष समाप्त होने से पहले भारत-अमेरिका के व्यापार संबंधों में नए रास्ते खुल सकते हैं।
वर्तमान में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार लगभग 191 अरब डॉलर है और दोनों देश इसे 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। भारत के लिए यह डील अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि 50% टैरिफ लागू होने के बाद अक्टूबर में भारतीय निर्यात लगातार दूसरे महीने 8.58% घट गया। एक अनुकूल व्यापार समझौते से निर्यात क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।